Vivo X300 Pro After 15 Days : ₹1,10,000 का कैमरा फ्लैगशिप, लेकिन क्या वाकई पैसा वसूल? या फिर कुछ और सबकुछ जानिए

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Vivo X300 Pro

₹1,10,000 कोई छोटी रकम नहीं होती। ऐसे में सवाल सीधा है—क्या इस चाइनीज़ फ्लैगशिप पर इतना पैसा लगाना सही फैसला होगा या फिर यह सिर्फ कैमरे का हाइप है? पिछले 15 दिनों के इस्तेमाल के बाद तस्वीर थोड़ी साफ होती है। डिजाइन प्रीमियम है, डिस्प्ले शानदार है, पर असली खेल कैमरे का है। स्टिल फोटोग्राफी में यह फोन कई हालात में iPhone को भी टक्कर देता है पोस्ट में नीचे इसके बारे में डिटेल से जानते हैं।

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Design

Vivo X300 Pro प्रीमियम सेगमेंट की भाषा बोलता है। मेटल फ्रेम के साथ फ्रंट और बैक की क्वालिटी इसे सॉलिड और भरोसेमंद फील देती है। हाथ में लेने पर फोन मजबूत लगता है, फ्लैगशिप जैसी डेंसिटी और बैलेंस के साथ। पीछे दिया गया बड़ा गोल कैमरा मॉड्यूल इसे भीड़ से अलग पहचान देता है और स्पष्ट कर देता है कि यह एक कैमरा-फोकस्ड डिवाइस है। इन-हैंड फील आरामदायक है और फिनिशिंग उच्च स्तर की है, जिससे यह ₹1,10,000 की कैटेगरी में विजुअली फिट बैठता है।

Vivo X300 Pro
Vivo X300 Pro

Display

इसमें दिया गया बड़ा 120Hz LTPO डिस्प्ले इसकी प्रीमियम पहचान को और मजबूत करता है। ब्राइटनेस पर्याप्त से भी ज्यादा है, आउटडोर में कंटेंट आसानी से पढ़ा और देखा जा सकता है। कलर रिप्रोडक्शन वाइब्रेंट है, लेकिन ओवरसैचुरेटेड नहीं लगता। स्क्रीन स्क्रॉलिंग स्मूथ है और हाई रिफ्रेश रेट का फायदा डेली यूज़ में साफ दिखता है। कुल मिलाकर डिस्प्ले क्वालिटी इस प्राइस ब्रैकेट के अनुरूप है और मल्टीमीडिया अनुभव संतोषजनक बनाती है।

Speaker

ऑडियो आउटपुट क्लियर है, लेकिन यदि सीधा मुकाबला iPhone या Samsung Galaxy S सीरीज़ से किया जाए तो हल्का अंतर महसूस होता है। साउंड में वॉल्यूम और क्लैरिटी अच्छी है, पर डेप्थ और रिचनेस उस स्तर की नहीं लगती जो ₹1,10,000 के फ्लैगशिप से अपेक्षित होती है। सामान्य उपयोग में यह कमी बड़ी समस्या नहीं बनती, लेकिन प्रीमियम तुलना में अंतर समझ आता है।

Camera

Vivo X300 Pro की असली ताकत इसका कैमरा सिस्टम है। मेन कैमरा से ली गई तस्वीरें तुरंत आकर्षक और चमकदार नजर आती हैं। कलर प्रोसेसिंग ऐसी है कि फोटो सोशल मीडिया रेडी लगती है। पोर्ट्रेट शॉट्स में शानदार सब्जेक्ट सेपरेशन मिलता है और आउटपुट कई बार DSLR जैसा फील देता है। हल्की ओवर-शार्पनेस देखी जा सकती है, लेकिन यह आक्रामक नहीं है और पहले की तुलना में ज्यादा कंट्रोल्ड लगती है। ब्यूटी मोड बंद करने के बाद भी स्किन टोन पर हल्की स्मूदनेस दिखाई देती है, जो कुछ यूज़र्स को पसंद आएगी और कुछ को नहीं। iPhone के साथ तुलना में स्टिल फोटोग्राफी में यह फोन कई सिचुएशंस में बढ़त लेता है, जबकि वीडियो के मामले में लगभग 90% तक टक्कर देता है। स्टेबिलाइजेशन और कलर साइंस में iPhone थोड़ा आगे महसूस होता है, लेकिन फोकसिंग सिस्टम कई हालात में Vivo का ज्यादा तेज और सटीक नजर आता है। कुल मिलाकर यह एक मजबूत कैमरा फ्लैगशिप है।

Software

फोन में Origin OS मिलता है, जो अनुभव के स्तर पर अपडेटेड Funtouch OS जैसा प्रतीत होता है। इंटरफेस स्मूथ है और डेली यूज़ में कोई बड़ी समस्या नहीं आती, लेकिन One UI और OxygenOS जैसी परिपक्वता और पॉलिश यहां पूरी तरह महसूस नहीं होती। एनिमेशन अच्छे हैं, पर फ्लैगशिप क्लास की फिनिशिंग का एक स्तर अभी भी बाकी लगता है। AI फीचर्स की मौजूदगी अनुभव को आधुनिक बनाती है और रोजमर्रा के उपयोग में सहायक साबित होती है।

Perfrormance

डेली यूज़ में फोन भरोसेमंद है। कॉलिंग क्वालिटी और नेटवर्क स्टेबिलिटी अच्छी है। मल्टीटास्किंग और सामान्य उपयोग में कोई दिक्कत नहीं आती। परफॉर्मेंस इस सेगमेंट के अनुरूप है और यूज़र को फ्लैगशिप जैसा अनुभव देने में सक्षम है, हालांकि सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन में थोड़ा और निखार की गुंजाइश है।

Conclusion

₹1,10,000 की आधिकारिक कीमत पर Vivo X300 Pro मुख्य रूप से कैमरा प्रेमियों को आकर्षित करता है। यदि प्राथमिकता फोटोग्राफी है और आप सर्वश्रेष्ठ स्टिल इमेज क्वालिटी चाहते हैं, तो यह डिवाइस मजबूत दावेदार है। हालांकि, यदि आप एक संतुलित ऑल-राउंड फ्लैगशिप अनुभव की तलाश में हैं, जहां सॉफ्टवेयर पॉलिश और ऑडियो क्वालिटी भी शीर्ष स्तर की हो, तो निर्णय लेने से पहले अन्य विकल्पों पर भी विचार करना व्यावहारिक होगा। यदि यह फोन ऑफलाइन मार्केट में कम कीमत पर उपलब्ध हो जाता है, तो इसकी वैल्यू और मजबूत हो जाती है।